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सपने,सिद्धांत और संकल्प समाज हो या सरकार, आगे तभी बढ़ सकते हैं, जब उनके पास सपने हों, वे सिद्धांतों कि कसौटी पर कसे हुए हो और उन सपनों को यथार्थ में बदलने का संकल्प हो| आजकल सपने रहे नहीं, सिद्धांतों से लगता है किसी का मतलब नहीं, फिर संकल्प कहाँ होगा ? चारों तरफ विश्वास का संकट दिखाई पड़ रहा है| ऐसे में आइये एक अभियान छेड़ें और लोगों को बताएं कि सपने बोलते हैं, सिद्धांत तौलते हैं और संकल्प राह खोलते हैं| हम ...आगे पढ़ें... 

ओ बच्चा है ना
हर हर महादेव और अल्ला ओ अकबर का शोर मौत का तांडव ,चीत्कार ,हाहाकार चारो ओर,चारो ओर और उसी में ... chandra prakash rai द्वारा 27 जुलाई, 2010 8:57:00 PM IST पर पोस्टेड
अमर सिंह बौखला क्यों रहे हो
अमर सिंह को अब बहुत दर्द हो रहा है .अब उन्हें लग रहा है की उनका अपमान हुआ है .जब ओ बढ़ चढ़ कर लोगो को ... chandra prakash rai द्वारा 25 जुलाई, 2010 10:08:00 PM IST पर पोस्टेड
भारत कि एकता
एक विदेशी भारत आया .वापस जाते हुए मुझे मिला .मैंने पूछा मेरा हिंदुस्तान कैसा लगा ?ओ बोला बहुत अच्छा ... chandra prakash rai द्वारा 25 जुलाई, 2010 6:05:00 PM IST पर पोस्टेड